अखिलेश-राहुल फिर साथ, अब सीटों के बंटवारे पर होगी असली अग्निपरीक्षा
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के नतीजों ने बीजेपी के सियासी समीकरण को बड़ा झटका दिया था। अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जोड़ी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन ने यूपी की 80 में से 43 सीटों पर जीत दर्ज की।
अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक बार फिर साथ नजर आ रही हैं, लेकिन इस बार सबसे बड़ा सवाल सीटों के बंटवारे को लेकर है। कांग्रेस के प्रदेश स्तर के कुछ नेता बराबर सीटों की हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं, जबकि सपा खुद को यूपी में बीजेपी की मुख्य विपक्षी ताकत मानते हुए ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने के पक्ष में है।
दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच तालमेल भले ही नजर आता हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के बीच समन्वय बनाना बड़ी चुनौती होगी। सीटों को लेकर मतभेद सामने आए तो इसका असर गठबंधन की एकजुटता पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में 2027 से पहले सीट शेयरिंग पर सहमति दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी की ‘दो लड़कों’ वाली जोड़ी इस बार सीट बंटवारे के सवाल पर किस हद तक समझौता करती है।