‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर सियासी टकराव के बीच कांग्रेस का समर्थन का संकेत, भूपेंद्र हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखी शर्त
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच टकराव बढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं ने विशेष सत्र का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सीएलपी की बैठक में सत्र के बहिष्कार का फैसला लिया गया था।
हुड्डा ने कहा कि विधानसभा राजनीतिक प्रचार का मंच नहीं है और सरकार द्वारा लाया गया प्रस्ताव विधानसभा की निर्धारित सीमाओं से बाहर है। उन्होंने कहा कि यदि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लागू किया जाता है, तो कांग्रेस इसका समर्थन करने के लिए तैयार है, लेकिन सरकार इस पर सहमत नहीं हुई।
‘विधानसभा प्रचार का स्थान नहीं’ — हुड्डा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी के अन्य विधायकों के साथ मीडिया गैलरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस आज की सदन की कार्यवाही का पूरी तरह बहिष्कार कर रही है।
कांग्रेस का आरोप है कि विशेष सत्र में सरकार जिन मुद्दों को उठा रही है, उनका विधानसभा की कार्यवाही से सीधा संबंध नहीं है और ये मुख्य रूप से राजनीतिक मुद्दे हैं।
राज्यपाल से मिलने का मांगा समय
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय भी मांगा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से बुलाया गया विशेष सत्र नियमों के अनुरूप नहीं है, क्योंकि महिलाओं के आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा राजनीतिक विषय है।
हालांकि, हुड्डा ने कहा कि यदि विशेष सत्र में किसानों और एसवाईएल नहर के निर्माण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होती, तो यह अधिक उपयोगी होता।