‘वंदे मातरम’ विवाद पर बंकिम चंद्र के वंशज की सोनिया गांधी से माफी की मांग, बोले— “यह लाखों शहीदों का अपमान”
पश्चिम बंगाल के भाजपा विधायक और महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के सीधे वंशज सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण को लेकर हुई कथित घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोनिया गांधी से भारत के नागरिकों, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की अपील की है।
अपने पत्र में चटर्जी ने ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका का उल्लेख करते हुए अरविंदो घोष, खुदीराम बोस, बिपिन चंद्र पाल, सरला देवी चौधरानी, बाल गंगाधर तिलक और रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रसंगों का भी जिक्र किया।
‘ऐतिहासिक गलती को दोहराने’ का आरोप
चटर्जी ने पत्र में कहा कि जब देश स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा था और पूरा देश मातृभूमि के सम्मान में एकजुट था, ऐसे समय में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में हुई कथित घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक गलती की पुनरावृत्ति करार दिया।
चटर्जी का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाए जाने के दौरान सोनिया गांधी की कथित बेचैनी, नाराजगी और इसे रोकने की कोशिशों ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रतीक है।