वाराणसी की इस सीट ने बढ़ाई BJP-राजभर की टेंशन, 2027 से पहले सामने आया बड़ा पेंच!
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट NDA के लिए अहम बनती जा रही है। एक ओर BJP के मौजूदा विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के समर्थक लगातार सक्रिय हैं, तो दूसरी ओर NDA की सहयोगी सुभासपा ने भी इस सीट पर अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए संगठन को जमीन पर उतार दिया है। अनिल राजभर 2017 और 2022 में लगातार दो बार शिवपुर से विधायक बन चुके हैं ।
वहीं, 2022 में सुभासपा ने सपा के साथ गठबंधन में ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर को मैदान में उतारा था, जिन्हें अनिल राजभर से करीब 25 हजार वोटों से हार मिली थी।
अब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सुभासपा एक बार फिर इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश करती नजर आ रही है। पार्टी ने उमेश राजभर को विधानसभा प्रभारी बनाया है और शिवपुर को 25 जोन और 56 सेक्टर में बांटकर सभी बूथों पर करीब 500 कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया है। दूसरी ओर, अनिल राजभर के समर्थक भी क्षेत्र में सक्रिय हैं और उनका मानना है कि लगातार दो चुनावों में जीत के आधार पर NDA नेतृत्व एक बार फिर BJP पर भरोसा जताएगा।
शिवपुर में मौर्य, राजभर और पटेल समाज के मतदाता चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में 2027 में चुनौती सिर्फ चुनाव जीतने की नहीं, बल्कि NDA के भीतर इस सीट पर सहमति बनाने की भी होगी। अब नजर इस बात पर है कि NDA नेतृत्व शिवपुर सीट किस दल के खाते में देता है और BJP-सुभासपा के बीच किस तरह का समझौता होता है।