2027 आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव में सामान्य सीटों पर दलित प्रत्याशी उतारने की तैयारी, अखिलेश ने बनाया नया प्लान
2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण से आगे बढ़कर PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) गठबंधन को मजबूत करने में जुटी हैं। पार्टी सामान्य सीटों पर भी बड़ी संख्या में दलित उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर लगी हुई हैं।
2017 और 2022 में सपा ने सामान्य सीटों पर दलित उम्मीदवारों को लगभग मौका नहीं दिया था। लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में फैजाबाद जैसी सामान्य सीट पर अवधेश प्रसाद की जीत से मिले राजनीतिक संकेत के बाद पार्टी इस मॉडल को विधानसभा चुनाव में लागू करने की तैयारी में लगी हैं।

पश्चिमी यूपी और अवध में दलित मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सपा ऐसी सीटों पर दलित प्रत्याशियों को उतारने की तैयारी कर रही है, जहां यादव-मुस्लिम-दलित वोटों का समीकरण भाजपा के मजबूत वोट बैंक को टक्कर दे सके।
सपा की इस रणनीति के पीछे बसपा के कमजोर होते जनाधार का लाभ उठाने और दलित वोट बैंक में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश भी मानी जा रही है। हालांकि, अब देखना होगा कि यह नया सियासी PDA प्रयोग 2027 सपा के लिए वोटों में तब्दील होता है या नहीं।